Tuesday, August 2, 2016

आ रहा है मराठी भाषा में उपन्यास बगला

आ रहा है मराठी भाषा में उपन्यास बगला

जब से तकनीकी दुनिया में डिजटाइजेशन का युग शुरु हुआ है, तब से जिंदगी और समाज का डिजटलीकरण हो गया है। टैब और स्मार्ट फोन में अंगुलियों और अंगूठे के दम पर दुनिया को फिरंगी की तरह नचाने वाली इस पीढ़ी में अब कॉपी किताबों का प्रचलन डायनासोर की तरह विलुप्त होने के कगार पर पहुंच रहा है। भारतीय भाषाओं में लेखकों या पाठकों का हमेशा रोना रहता है कि अंग्रेजी के अलावा अन्य किसी भी भाषा में पठनीय सामग्री नहीं प्रकाशित हो रही है। यही काल्पनिक बयानबाजी सिर चढ़कर बोल रही है। ऐसे में इन तमाम बयान बाजी को दरकिनार करते हुए मराठी भाषा में उपन्यास बगला ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अभी इस उपन्यास का विमोचन भी नहीं हुआ है, लेकिन पाठकों ने इसकी सैकड़ों प्रतिलिपियों को अभी से ही आरक्षित करा लिया है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में बगला का विमोचन होना तय हुआ है। इस उपन्यास के लेखक जाने माने रंगमंच, एंटरटेमेंट की दुनिया में हिंदी, मराठी में धारदार लेखनी के धनी प्रसाद कुमठेकर जी हैं। इस उपन्यास के प्रकाशक महेशलीला पंडित और प्रकाशन पार पब्लिकेशन है। लेखक ने सोशल मीडिया का प्रयोग करते हुए अपने उपन्यास को प्रचारित प्रसारित किया। What's app के सभी ग्रुपों और फेसबुक का भरपूर इस्तेमाल करते हुए इस उपन्यास का प्रचार प्रसार हुआ। लेखक की निजी भागेदारी की बदौलत उपन्यास ने लांच होने के पहले ही एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपन्यास ने ये साबित कर दिया है कि यदि लेखन में है दम है तो पाठक भी नहीं हैं कम....
तो आइये हम सब पढ़े और जाने कि आखिर बगला में है क्या ?


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